पार्क एवं प्रकृति

कम्पिल

कम्पिल फर्रुखाबाद से 45 की. मि की दूरी में स्थित एक छोटा सा क़स्बा है जो ऐतिहासिक एवं पौराणिक रूप से महत्पूर्ण स्थान है। यह स्थान 13 वें तीर्थंकर ब्राह्लन विमलनत के जन्मस्थल के रूप में अत्यधिक लोकप्रिय है। इसके साथ-साथ यह स्थान उन कुछ स्थलों में से है जहाँ भगवान् महावीर ने दौर किय था। इसके अलावा यहाँ दो मंदिर भी स्थित हैं जिसमें से एक मंदिर श्वेताम्बर जैन तथा दूसरा दिगंबर जैन को समर्पित है। इसीलिए यह जैन भक्तों के बीच अत्याधिक लोकप्रिय स्थलों में से एक है। इसके अतिरिक्त यहाँ कई पुराणिक मंदिर भी है जो ऐतिहासिक महत्वत्ता से परिपूर्ण हैं।

इसके अलावा, यह माना जाता है कि महाभारत काल में यह स्थान राजा द्रुपद (द्रौपदी के पिता) के राज्य की राजधानी थी तथा यहां पर अभी भी वह बलि वेदी मौजूद है जिससे मान जाता है कि द्रौपदी का जन्म हुआ था।

इसके अतिरिक्त यहाँ अत्यधिक प्रसिद्ध रामेश्वरनाथ मंदिर भी स्थित है जो भगवान् राम के भाई शत्रुघ्न द्वारा स्थापित किया गया था तथा इस मंदिर में शिव भगवान् की वह मूर्ति स्थापित है जिसकी आराधना माता सीता अपने लंका में कैद के दौरान अशोक वाटिका में करा करती थी।

नीबकरोरी

यह संकिसा के पास स्थित छोटा सा गाव है जो कि लक्ष्मण दास नामित ऋषि के लिए प्रसिद्ध है। बाबा लक्ष्मण दास 20 वीं सदी के आध्यात्मिक संत थे जिन्हे उनके अनुयायी नीब करोरी बाबा के नाम से जानते थे। इसीलिए ये स्थल बाबा के बीच काफी प्रसिद्द है एवं फर्रुखाबाद में एक महत्पूर्ण स्थल है।